Sahi waqt | हमारे लिए सही वक़्त क्या है?

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हमारे लिए सही वक़्त क्या है / Sahi waqt

कभी-कभी हमारी ज़िन्दगी में ऐसा होता है कि हमें बहुत से मौके मिलते हैं। और हम इन मिले हुए मौकों को भुनाने में कामयाब नहीं हो पाते हैं।  Then ये कहकर सान्तवना देते हैं कि “probably, ये मेरे लिए sahi waqt नहीं था।”

जब हम इन मौकों को भुना नहीं पाते हैं तो अपने आप को console करने का प्रयास करते हैं।

And, besides that ये कहकर कि “कोई बात नहीं, अगली बार देखा जायेगा।”

अब सवाल ये उठता है कि हमारे लिए sahi waqt क्या है?

Furthermore हम यह कहकर सारा कुछ टाल देते हैं कल देखा जायेगा। And जब कल आता है तो फिर “आने वाले कल” पर टाल देते हैं।

हम यह कहते हैं कि सही वक़्त आने पर काम शुरू किया जायेगा।

संत कबीरदास

sunrise

संत कबीरदास जी ने अपने दोहे में कहा है कि-

कल करे सो आज कर।

आज करे सो अब….

पल में प्रलय होगी बहुरि करोगे कब ?

हमें as soon as possible काम को शुरू करना चाहिए। न कि किसी right time का wait करना चाहिए। Because हो सकता है कि right time का wait करते-करते बहुत समय निकल चुका होगा।

ज़िन्दगी में मौका मिलते-मिलते निकल जाता है

Also, मैंने किसी को सही कहते सुना है कि –

“ज़िन्दगी में मौका मिलते-मिलते निकल जाता है।

मैंने अभी तक सही वक़्त का हमेशा इंतज़ार किया है।

और इंतज़ार करते-करते कितना वक़्त निकल गया पता ही नहीं चला।

सच तो ये है कि सही वक़्त जैसी कोई चीज़ ज़िन्दगी में होती ही नहीं है।

जो कुछ भी है, अभी है, इसी वक़्त है।”

I’m sure आपमें से बहुतों ने बड़ों को बहुत कुछ कहते सुना होगा। यह कहते हुए सुना होगा कि “अच्छा होता अगर मैंने ये काम पहले शुरू कर दिया होता।”

Similarly हमें समझाते हुए कि “मैं ये करना चाहता था मगर सही समय का इंतज़ार करते-करते कर नहीं पाया”।

हमें क्या करना चाहिए ?

sunset

Finally, यही बात निकल कर आती है कि हमें right time का इंतज़ार नहीं करना चाहिए। 

किसी ने सच ही कहा है “जब तक चन्द्रमा सूरज की परिक्रमा करता रहेगा, तब तक सब अवसर शुभ होगा”

Therefore, हमें इन opportunities का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाना चाहिए।

Life में बार-बार अवसर नहीं आते हैं। हाँ, हो सकता है कि हम इन opportunities का 100% फायदा उठाने में कामयाब नहीं हो पाएं। मगर हमें इन मौकों पर अपना 100% ज़रूर देना चाहिए।

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