Christmas in Hindi | क्रिसमस (बड़ा दिन) का पर्व | 25 December

christmas

Wish you a Merry Christmas ! 

Christmas जिसे बड़ा दिन भी कहा जाता है, ईसा मसीह के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला पर्व है।

हर साल यह 25 दिसंबर को मनाया जाता है।

लोग Christmas में एक-दूसरे को gifts देते हैं।

decoration

इस दिन Church में समारोह व विभिन्न प्रकार के सजावट किये जाते हैं।

खासकर Christmas Tree को आकर्षक रूप से सजाया जाता है।

प्रभु यीशु के जन्म की झाँकियाँ बनाई जाती है।

Christmas का पर्व

christmas celebration

क्रिसमस मुख्य रूप से ईसाईयों में मनाया जाने वाला पर्व है, मगर आजकल इसे सांस्कृतिक त्यौहार के तौर पर अन्य धर्मों के लोग भी मनाते हैं।

क्रिसमस की पूर्व संध्या पर ही कई तरह के कार्यक्रमों की शुरुआत हो जाती है।

लोग घरों में Christmas star से सजावट करते हैं।

साथ ही विद्युत् सज्जा करते हैं घरों में, जो देखने में काफी सुन्दर लगता है।

क्रिसमस के दिन से शुरुआत हो जाती है 12 दिनों तक चलने वाली उत्सव की, जिसे Christmastide कहा जाता है।

क्रिसमस का अगला दिन यानि 26 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे कई देशों में Boxing Day कहा जाता है।

26 दिसंबर से ऑस्ट्रेलिया, नूज़ीलैण्ड जैसे कुछ देशों में हर साल Test Cricket Series का एक टेस्ट मैच खेला जाता है।

इसे Boxing Day Test मैच कहा जाता है।

ऑस्ट्रेलिया में हर साल इसे ऑस्ट्रेलियाई टीम और ऑस्ट्रेलिया का दौरा करने वाली टीम के बीच Melbourne Cricket Ground पर खेला जाता है।

इसे 80,000 के करीब दर्शक मैदान में देखने आते हैं।

History Of Christmas

“Christmas” दो शब्दों “Christ” और “Mass” से बना है जिसका अर्थ है जिस दिन Christ  का Mass यानी समूह इकट्ठा होता है।

Jesus के जन्म का जश्न मनाने के लिए यह समूह इकट्ठा होता है, लेकिन 25 December उनका वास्तविक जन्मदिन नहीं है।

Pope Julius I द्वारा यह आधिकारिक घोषणा की गई थी कि यीशु के जन्म का उत्सव 25 दिसंबर को होगा, कहीं न कहीं 335 ईस्वी सन् और 345 ईस्वी सन् के बीच।

लेकिन यह celebration धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैल गया। तब से लोग 25 दिसंबर को क्रिसमस मना रहे हैं।

christ birth

यीशु के जन्म के बारे में यह मान्यता है कि यीशु मरियम के पुत्र के रूप में पैदा हुए थे।

यीशु का जन्म Bethlehem में एक अस्तबल में हुआ था। और इन्हें एक चरनी में रखा गया था।

इनके जन्म की खबर एक angel द्वारा सबसे पहले उन जानवरों को दी गयी थी और इन जानवरों ने ही सबसे पहले बालक यीशु को देखा था।

लोग इस दिन को याद कर क्रिसमस में अपने घरों में किसी एक स्थान को अस्तबल का रूप देते हैं।

और चरनी में बालक यीशु को रखते हैं और उनको यादकर क्रिसमस मनाते हैं।

यीशु के जन्म के बाद The Three Wise Men, Star Of Bethlehem/Christmas star को देखकर यीशु के पास पहुंचे थे और उनके लिए उपहार लाये थे।

भारत में Christmas

भारत में क्रिसमस पारंपरिक रूप से सभी भारतीय ईसाईयों द्वारा मनाया जाता है। वे Churches में बड़े पैमाने पर उपस्थित होते हैं।

वे अपने extended family and loved ones के साथ भोजन करते हैं।

हालाँकि अन्य धर्म के लोग भी इसे मनाते हैं क्योंकि यह हमारी संस्कृति है।

कई markets और malls सजाये जाते हैं और दुकानें Christmas की discounts देती हैं।

कुछ स्थानों पर क्रिसमस के बाजार और मेले लगते हैं।

Santa Claus

santa claus

माना जाता है कि Santa का घर North pole में है और वे उड़ने वाले Reindeer की गाड़ी पर चलते हैं।

सांता का यह आधुनिक रूप 19th century से अस्तित्व में आया, उसके पहले ये ऐसे नहीं थे।

आज से 1500 साल पहले जन्मे Saint Nicholas को असली Santa और Santa का जनक माना जाता है।

Saint Nicholas और Jesus के जन्म का सीधा संबंध नहीं है फिर भी आज के समय में Santa Claus क्रिसमस का अहम हिस्सा हैं।

उनके बिना क्रिसमस अधूरा सा लगता है।

‍संत निकोलस का जन्म तीसरी सदी में Jesus की मौत के 280 साल बाद मायरा में हुआ।

उन्होंने बचपन में ही अपने माता-पिता को खो दिया। बचपन से ही उनकी प्रभु यीशु में बहुत आस्था थी।

वे बड़े होकर ईसाई धर्म के पादरी (पुजारी) और बाद में Bishop बने।

christmas gifts

उन्हें जरूरतमंदों और बच्चों को gifts देना बहुत अच्छा लगता था।

वे अक्सर जरूरतमंदों और बच्चों को गिफ्ट्स देते थे।

Saint Nicholas अपने उपहार आधी रात को ही देते थे क्योंकि वे अपनी पहचान लोगों के सामने नहीं लाना चाहते थे।

इसी कारण बच्चों को जल्दी सुला दिया जाता था ।

एक बार फिर से आप सब को क्रिसमस की ढेर सारी शुभकामनायें ! 

पढ़ें: बाल दिवस क्यों मनाया जाता है ?

 

 

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