Learn from your mistakes in Hindi | गलतियों को स्वीकार करें

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Learn to accept your mistakes/गलतियों को स्वीकार करें

Accept your mistakes – कितनी दफा हमने ये सुना होगा, but हममें से कितने लोग हैं, जो अपनी गलती को स्वीकार करते हैं ? उस गलती को अपने ऊपर हावी होने दिए बिना आगे बढ़ना और जीतना सीख लेते हैं।

Mostly लोगों को लगता है कि almost सभी मामलों में वे ही सही हैं। उन्हें लगता है कि सामने वाले की ही गलती है।

And yes, अगर सामने वाला ये prove कर दे कि वो भी सही है, then वे मिलकर इसके लिए हालत को जिम्मेदार ठहराते हैं। हालत के माथे सारा ठीकरा फोड़ देना सबसे सुरक्षित और फायदेमंद है।

यह इसलिए कि कोई भी हालत या परिस्थिति कभी यह नहीं कहने आने वाली कि गलती उसकी भी नहीं है।

Bottom line ये है कि गलती हो जाने के बाद उसकी ज़िम्मेदारी से बचने के सौ बहाने हमारे पास हमेशा ready रहते हैं। 

गलतियां,भूल-चूक तो हमारी दोस्त की ही तरह हैं

embarrassment

दूसरी तरफ कुछ ऐसे भी लोग हैं जो helplessly अपनी गलती मान तो लेते हैं। But, साथ ही इतने परेशान और embarrass होते हैं कि ऐसा लगता है मानो अब उनकी ज़िन्दगी से सारे options मिट चुके हैं। 

मानो अब उनके पास कुछ बचा ही नहीं है। गलती को स्वीकार कर, उससे सबक लेकर, उस पर जीत हासिल करने वाले लोग कम ही मिलते हैं।

In fact, गलती के लिए पछताते रहना तो हालत से टूट जाना है। अगर हम notice करें तो पाएंगे कि गलतियां, भूल-चूक तो हमारी दोस्त की ही तरह हैं। वे अनजाने में ही सही, हमें कितना कुछ सीखा जाती हैं।

Be it मुश्किल हालत में लड़ने की बात हो or हार के बावजूद जीत के लिए खुद को तैयार करने का जज़्बा पैदा करने की। इस तरह की योग्यता तो शायद गलतियां करके ही मिल सकती हैं।

गलतियों को छुपाना

school

School के दिनों में अपनी गलतियों को छुपाना सभी को याद होगा।

Class में शोर होने पर जब भी टीचर चश्मे को ज़रा नीचे करके चिल्लाकर पूछती थीं कि “कौन कर रहा है इतना शोर ?”… तो Class में एक pin drop silence छा जाती थी।

कोई भी झगड़ा होने पर यह नहीं कहता कि “हाँ, ये मेरी गलती से हुआ है।” Instead, सब पलकें झुकाये, नज़रें चुराते रहते और एक-दूसरे को देखते रहते।

गलती से सीखना सीख लीजिये/Learn from mistakesmistakes

Nevertheless, ऐसा कल नहीं कर पाए तो क्या हुआ ? आज करके देख लीजिये।

 Dale Carnegie ने कहा है, “The successful man will profit from his mistakes and try again in a different way” यानी “सफल आदमी अपनी गलतियों से लाभान्वित होगा और फिर से एक अलग तरीके से प्रयास करेगा”

एक बार गलती करके उसे स्वीकार करके उस गलती से सीखना सीख लीजिये। फिर देखिये, खुद में कैसा बदलाव महसूस होता है। Next time आप गलतियों से घबराएंगे नहीं, rather उनसे सीखने को तैयार रहेंगे।

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