Chase your Dreams | अपने सपनों का पीछा करें

dreams

Chase our dreams

हम अपने बचपन से सुनते आ रहे हैं कि हमें अपने सपनों का पीछा करना चाहिए। We should chase our dreams. इसी से जुड़ी एक experience share करना चाहता हूँ।

ये कुछ दिन पहले की बात है। मैं अपने cousin brother के साथ खेल रहा था। खेलते खेलते ही मैंने उसे पूछा, “बड़े होके क्या बनना चाहते हो ?”

उसने बड़े ही innocence के साथ जवाब दिया “हम बड़ा होके cricketer बनना चाहते हैं।”

हमारे यहाँ instead of “मैं”, “हम” कहा जाता है आम बोलचाल की भाषा में।

I just hope कि यह किसी दिन reality बन जाए।

Firstly, बचपन में हम किसी को television में देखते हैं secondly, किसी के बारे में पढ़ते हैं and then उन्हें idolize करना शुरू कर देते हैं

Consequently, हम उनके जैसे बनना चाहते हैं। Further, हम सोचते हैं कि किसी दिन हम उनके जैसे successful होंगे।

But क्या ऐसा होता है ? क्या हर कोई अपने idol की तरह सफल हो जाता है ?

शायद नहीं !

Non-supportive parents

इस journey में कई factors आते हैं। ऐसे factors में से एक “factor” है non-supportive parents.

जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, parents बच्चे को control करना शुरू करते हैं, जो natural है और उन्हें ऐसा करना चाहिए।

उन्हें ऐसा करने का अधिकार है, but कितने समय तक ?

बचपन में जब एक बच्चे से पूछा जाता है कि वह क्या बनना चाहता है, then वो बहुत सारी आकांक्षाओं के साथ जवाब देता है।

But यह सिलसिला लंबे समय तक नहीं चलता है।

मुझे लगता है कि matriculation or 12th पास करने के बाद 70-80% बच्चे अपने route/dreams बदल देते हैं।

अब वे अपने बचपन में जो बनना चाहते थे वो बनना नहीं चाहते हैं।

ज्यादातर parents चाहते हैं कि उनके बच्चे वो subjects पढ़ें जो वे (parents) चाहते हैं न की वो subjects जो वो खुद (child) पढ़ना चाहता है।

कई बार तो ये कह दिया जाता है कि “बेटा, तुम्हारे मामा / फूफा / चाचा /………. चाहते हैं कि तुम ये subjects लेके पढ़ाई करो।”

Also, कभी-कभी बच्चे को enough money होने के बावजूद ये कहकर एक तरह से emotional blackmail किया जाता है कि “बेटा ये subjects लेने की सोचना मत क्योंकि हमारे पास इतने पैसे नहीं हैं।”

Confusion in child’s mind

confusion

अब confusion शुरू होता है।

बचपन से ही उसे और अधिक marks लाने के लिए कहा गया था “बेटा अगर marks नहीं लाओगे तो engineer, doctor कैसे बनोगे ?”

But अब क्या ? What about dreams?

अब “real world” शुरू होता है बच्चे के लिए। वह अबतक “fictitious world” में रह रहा था।

Therefore, वो कुछ अलग सोचने लगता है। वह उन subjects को पढ़ता जो parents और relatives चाहते हैं।

धीरे-धीरे उस subjects में interest आने लगता है उसके मन में।

As a result, graduation या post-graduation के समय अपनी interest के अनुसार पढ़ना चाहता है, but parents फिर से वही बात बताते हैं।

Come on ! अब तो बच्चा बड़ा हो गया है।

यहां तक ​​कि government choose करने की शक्ति भी उसके हाथ में है। वह जानता है कि उसके लिए क्या सही है या गलत है।

Great personalities

हमने कई कहानियां पढ़ी हैं and कई great personalities को देखा है कि कैसे उनके parents ने उन्हें हर संभव तरीके से उनके लिए support दिया।

उनके parents को भी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा but वे कभी नहीं चाहते कि उनके बच्चे dreams का पीछा करना छोड़ दें।

उन्होंने सुनिश्चित किया कि उनके बच्चे के दिमाग में कोई negativity न हो ।

अगर विराट कोहली को parents ने क्रिकेट खेलने से रोक दिया होता, then वह आज क्रिकेट खिलाड़ी नहीं होते।

Similarly, अगर Faisal Khan के parents ने उसे रोक दिया होता, then वह आज dancer नहीं होता।

But कुछ ऐसे parents हैं जो अपने बच्चों की बातें सुनना और समझना नहीं चाहते हैं ।

No doubt वे हमारी care करते हैं and हमारे लिए अच्छी चीजें करने की कोशिश करते हैं ।

But साथ ही उनको हमारी interest का भी पता होना चाहिए।

कुछ बच्चे अपने parents को convince करने में सफल हो जातें हैं।

But जब parents हमारी बात नहीं सुनते हैं then यह बहुत ही disappointing और depressing होता है।

यही वह समय है जब बच्चा परेशान हो जाता है।

Shouldn’t we chase our dreams ?

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अब, सवाल ये उठता है कि क्या हमें अपने सपने का पीछा करना बंद कर देना चाहिए ? Shouldn’t we chase our dreams ?

First of all, मुझे लगता है कि हमें अपने सपनों, dreams को कभी give up नहीं करना चाहिए।

हमें अपने dreams की दिशा में हर संभव कदम उठाना चाहिए।

हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा हमारे parents हैं। Parents को यह समझने की जरुरत है।

Also, सही direction में हमें guide करने की आवश्यकता है, न कि हर बार हमें control करने की।

A supportive family is not a must-to-have for our success but always a nice-to-have.

Hopefully, एक दिन समय बदल जाएगा और हम life में जरूर successful होंगे।

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